#उत्तम_सोंच
✍🏻 #बिपिन_कुमार_चौधरी
समाजसेवा के तीन मोर,
चंदा चोर, योजना चोर,
सबसे काबिल व्यक्ति वह है,
वोटों की खातिर करे शैतानी ताबड़-तोड़,
शामत उसकी आ जाती है,
करे बगावत, मचाए शोर,
ईमानदारी का जिसको काटे कीड़ा,
दुश्मन ही दुश्मन उसके चारों ओर,
बुद्धिमान व्यक्ति यहां वही है,
मिल बांट खाए, भ्रष्टाचार का भोज,
शिकायती कुत्ते हांफे बेमतलब,
दफ्तर का चक्कर लगाए रोज - रोज,
भेड़ियों की महफ़िल में भेड़ निसहाय,
लुटेरे बताए उसे धरती का बोझ,
जनता बनी बैठी मूकदर्शक,
गिद्ध खाए मज़े में नोच - नोच,
अपनी बारी का सब करे इंतिजार,
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें