४. इबादत @ ✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी ए रब, कर तूं कुछ ऐसी इनायत, ख़त्म हो जाए कलह कष्ट का कहर, मानव जाति की सुरक्षा हो मुमकिन, आओ सब मिलकर बोलें आमीन... सुन मेरे परवरदिगार, ओ मेरे भगवान, कर रहे सब त्राहिमाम, संकट में इंसान, कर कुछ ऐसा करिश्मा, रुक जाए कोहराम, आओ सब मिलकर बोलें, जय श्री राम... गलतियां हमसे लाख हुई, हम तेरे ही संतान, तेरी रहमत की आरज़ू में तड़प रहे कई भाईजान, कर तूं कुछ ऐसी मेहरबानियां, हो सबको फख्र, आओ सब मिलकर बोलें, अल्लाह हो अकबर... तेरे हैरतअंगेज कारनामे, करता सारा जग नमन, स्वीकार कर हमारी प्रार्थना, कर दे ईर्ष्या द्वेष का पतन, लंगर में सब साथ बैठ, तेरे दरबार में माथा सकें टेक, आओ सब मिलकर बोलें, वाहेगुरु दा खालसा वाहेगुरु दी फतेह ...
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