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९९. जनक्रांति @

अभी थोड़ा जगे हैं हम, जगाना अभी बांकी है, किया अभी जो हमने है, वह छोटी सी झांकी है, शोषण बहुत सहा है हमने, इसलिए यहां शांति है, खोफजदा बेकार हैं लोग, अपने हक की यह क्रांति है जय जय जनक्रांति, जय जय जनक्रांति... जय जन क्रांति जय जन क्रांति, जय जन क्रांति जय जन क्रांति आओ मिलकर भरें ऐसी हूंकार, स्वस्थ बने समाज, शिक्षा का हो प्रसार, चारों ओर हो शांति ही शांति ... जय जन क्रांति जय जन क्रांति... जनता के सेवक से जनता सताए जा रहे हैं, लोकतंत्र के मालिक आंसू बहाए जा रहे हैं, आओ मिलकर दूर करें भ्रष्टाचारियों की भ्रांति, जय जन क्रांति जय जन क्रांति लाचारों के आंखों का आंसू जब पोछेंगे हम, पूरा होगा स्वामी विवेकानंद वाले भारत का स्वप्न, आयेगी हमारे देश में अमन चैन और शांति, जय जन क्रांति, जय जन क्रांति माना हमारा डगर थोड़ा कठिन है, अपनी चट्टानी एकता पर हमें भी यकीन है, हमारी चाहत सबकी तरक्की, सबकी उन्नति ... जय जन क्रांति जय जन क्रांति सेवा का जुनून जलाए रखना है, संघर्षपथ पर नित्य आगे बढ़ते रहना है, तभी मिलेगी चंद्रशेखर सुभाष के आत्मा को शांति, जय जन क्रांति, जय जन क्रांति आओ बंधु हाथों स...