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दिसंबर, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

१४. किसका_इंतिज़ार @

#किसका_इंतिज़ार ✍🏻    बिपिन कुमार चौधरी          (डॉ. प्रियंका रेड्डी के बहाने) चौकीदारों के इस देश में, अवलाओं के अस्मत का पहरेदार कोई नहीं है, सबसे ज्यादा जिस राष्ट्र में प...

१३. नकाबपोश फहरिस्ते @

नकाबपोश फहरिस्ते ✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी मैंने बहुत कुछ पाया है, मैंने बहुत कुछ खोया है, पाकर कभी संतुष्ट नहीं हुआ, खो कर कभी हिम्मत नहीं खोया है... भीड़ में भी अक्सर तन्हा रहा हूं, अकेले भी भीड़ को पीछे धकेला है, सोचने वाले तक्कलूफ में रहते हैं, ईश्वर की इनायत ऐसा अलबेला है... मैं भले ही कितना भी मजबूर रहा हूं, कीचड़ उछालने वालों से दूर रहा हूं, फिर भी इनलोगों में बैचैनी छाई हुई है, इन धूर्त लोगों की शामत आई हुई है... अब तक चुप रहा हूं लेकिन, अब बातें करना जरूरी है, रंगे सियार की जिंदगी जीने वालों, मुझ जैसों से दुश्मनी तुम्हारी मजबूरी है.. फहरिस्ते का ताज पहन कर, कब तक काली करतूत छिपाओगे, अरे बेनकाब करना शुरू कर दिया, अंधेरे में आइने को भी चेहरा नहीं दिखाओगे...