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कहानी // सफलता का रहस्य

खुद पर विश्वास  करने वाला हमेशा सफल होता है...

बुलाकी एक बहुत मेहनती किसान था। कड़कतीधूप में उसने और उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने रात दिन खेतों में काम कियाऔर परिणामस्वरूप बहुत अच्छी फ़सल हुई। अपने हरे भरे खेतों को देख कर उसकी छाती खुशी से फूल रहीथी क्योंकि फसल काटने का समय आ गया था। इसी बीच उसके खेत में एकचिड़िया ने एकघौंसला बना लिया था। उसके नन्हें मुन्ने चूज़े अभी बहुत छोटे थे। 

एक दिन बुलाकी अपने बेटे मुरारी के साथखेत परआया और बोला, “बेटा ऐसा करो कि अपने सभी रिश्तेदारों को निमन्त्रण दोकि वो अगले शनिवार को आकर फ़सल काटने में हमारी सहायता करें।” येसुनकर चिड़ियाके बच्चे बहुत घबराए और माँ से कहने लगे कि हमारा क्या होगा। अभी तो हमारेपर भीपूरी तरह से उड़ने लायक नहीं हुए हैं। चिड़िया ने कहा, तुम चिन्ता मत करो. अगले शनिवार को जबबाप बेटे खेत पर पहुचे तो वहाँ कोई भी रिश्तेदार नहीं पहुँचा था। दोनोंको बहुत निराशा हुई बुलाकी ने मुरारी से कहा कि लगता है हमारेरिश्तेदार हमारेसे ईर्ष्या करते हैं, इसीलिए नहीं आए। 

अब तुम सब मित्रों को ऐसा ही निमन्त्रणअगले हफ़्तेके लिए दे दो। चिड़िया और उसके बच्चों की वही कहानी फिर दोहराई गई और चिड़ियाने वही जवाब दिया। अगले हफ़्ते भी जब दोनों बाप बेटे खेत पर पहुचे तोकोई भी मित्र सहायता करने नहीं आया तो बुलाकी ने मुरारी से कहाकि बेटा देखा तुम ने, जो इन्सान दूसरों का सहारा लेकर जीना चहता है उसकायही हाल होता है और उसे सदा निराशा ही मिलती है। 

अब तुम बाज़ार जाओ और फसल काटने का सारा सामान ले आओ,कलसे इस खेत को हम दोनों मिल कर काटेंगे। चिड़िया ने जब यह सुना तो बच्चों सेकहने लगीकि चलो, अब जाने का समय आ गया है. जब इन्सान अपने बाहूबल पर अपना काम स्वयं करनेकी प्रतिज्ञा कर लेता है तो फिर उसे न किसी के सहारे की ज़रूरत पड़ती है और नही उसे कोईरोक सकता है। इसी को कहते हैं बच्चो कि, “अपना हाथजगन्नाथ।” इससे पहले कि बाप बेटे फसल काटने आएँ, चिड़िया अपने बच्चों को लेकर एकसुरक्षित स्थान पर ले गई। 

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