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अगस्त, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

रोजगार चाहिये

रोजगार चाहिये ✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी भावनात्मक मुद्दों में उलझा कर, बनी है बहुमत की सरकार, अर्थव्यवस्था पानी मांग रही है, संकट में रोजी रोटी और कारोबार ... देश क़ी अखंडता हमें ...

१७. कुत्तनियत @

कुत्तानियत ✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी कुत्तों की महफिल में सरदार ने फरमाया, इंसानों को काटना अब हमने छोड़ दिया है, एक दूसरे को काटने के लिए इंसान ही काफी हैं, अपनी बिरादरी के सारे रिकार्ड को भी तोड़ दिया है... हमारी वफादारी के आजकल बहुत चर्चे हैं, इतना मुकम्मल मुकाम हमने हासिल कर लिया है, इंसानों पर नहीं किसी का कोई भरोसा है, इंसानी वफादारी ने शायद आत्महया कर लिया है ... संगति का असर नहीं खुद पर हमें आने देना है, हम कुत्तों से ख़तरनाक आजकल ये इंसान हैं, विकट परिस्थिति में भी नहीं बेचते हम अपना ईमान हैं, बदलते वक्त में भी हमारी ख़ास पहचान है, नमक खा कर हम कर्ज अदा करते हैं, मौत हो सामने फ़िर भी नहीं डरते हैं, इंसानों के कमिनेपन का असर नहीं होना चाहिए, हम कुत्तों को कुत्ता बन कर जीना चाहिए ...

१८. अनोखा आशियाना @

अनोखा आशियाना ✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी तिनके तिनके को जोड़ कर हमने आशियाना बनाया है, वहां बनाया है जहां पहले किसी ने नहीं बनाया है, दुनिया की नजरों में मैं बेशक पागल हो सकता हूं...

ठान लो हम शिक्षकों को पटना है जाना

*ठा न  लो हम शिक्षकों को पटना है जाना* कुछ लोग यहां हैं डरे हुए, कुछ है बिल्कुल मौन पड़ें, अपने हक हकूक की लड़ाई है, क्यों हो भाई तुम दूर खड़े... सबको ज्ञान हम देते हैं, हमें ज्ञान यह...