आम इंसान ------------------------------------------ जनता आम, बहुत बदनाम, चैन मुश्किल, आराम हराम, दर दर यह लोग भटकते हैं, फिर भी नहीं होता इनका काम, सब मिलकर इनको खूब चूसते, राजनीति की चक्की में भी पिसते, दुरूह डगर, रहते जीवन भर परेशान, आम आदमी है इनका नाम, नाम में इनके बहुत ताकत है, मिलती इज्जत और शोहरत है, इनके आशीष की सबको जरूरत, बन जाते लोग लोकतंत्र का भगवान, समस्याएं इनकी बहुत जटिल है, किनको दें ताज, सभी कुटिल है, संकट बड़ी कैसे हो समाधान, इसी अन्तर्द्वंद में आम इंसान...
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