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मई, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आम इंसान

आम इंसान ------------------------------------------ जनता आम, बहुत बदनाम, चैन मुश्किल, आराम हराम, दर दर यह लोग भटकते हैं, फिर भी नहीं होता इनका काम, सब मिलकर इनको खूब चूसते, राजनीति की चक्की में भी पिसते, दुरूह डगर, रहते जीवन भर परेशान, आम आदमी है इनका नाम, नाम में इनके बहुत ताकत है, मिलती इज्जत और शोहरत है, इनके आशीष की सबको जरूरत, बन जाते लोग लोकतंत्र का भगवान, समस्याएं इनकी बहुत जटिल है, किनको दें ताज, सभी कुटिल है, संकट बड़ी कैसे हो समाधान, इसी अन्तर्द्वंद में आम इंसान...

आधुनिक व्यापार

आधुनिक व्यापार मैं हूं आधुनिक पत्रकार, निकालता सबसे पहले समाचार, डरता मुझसे है सरकार, मेरे सामने ज्ञान मत बघार, हो जाएगा तुरन्त एफआईआर, लेकिन तूं डरता है बेकार, चोथा स्तंभ आज खड़ा बीच बाज़ार, बिकते जहां हम जैसे कुछ कलमकार, बन जा तूं भी थोड़ा होशियार, हम जैसे कितने बन जाएंगे चाटुकार, हमारे आशीष से ही बनता है सरकार, मिला लेे हाथ, मत कर समय बेकार, समाजसेवा से बेहतर नहीं कोई व्यापार, तेरी कृति से पट जाएगा अख़बार, याद रखना मैं हूं पत्रकार,

भेड़ों की नियति

भेड़ों की नियति... भेड़ियों को पहना कर खुशी से ताज, सभी भेड़ प्रसन्न आया अपना राज, जिस जीत पर भेड़ों को था बहुत नाज, उसी के गोश्त ने बनाया जश्न को खास... भेड़ों को जब तलक हुआ एहसास, कर चुके थे वे लोग अपना सत्यानाश, भेड़ियों का ज़ुल्म, जीवन बना मोहताज, एक अन्तर्द्वंद सबक सिखाएंगे पांच वर्ष बाद, वक्त बदला लेकिन बदला नहीं इतिहास, रंग, रूप, आकार सबको सबसे ऐतराज़, भेड़ियों ने भी बदला कुछ ऐसा अंदाज, भेड़िया ही श्रेष्ठ, वर्ना भेड़ों को खा जाएं बाज, टूटा सिलसिला, भेड़ों ने भी पाया ताज़, भेड़ फ़िर भी दुःखी, आया नहीं उनका राज, आज भी भेड़ पहले की तरह ही मोहताज, भेड़ बन चुका है भेड़ियां, मिलते ही ताज...

यक्ष प्रश्न

यक्ष प्रश्न अपनी जिम्मेदारियों से बन कर अनजान, सरकार पर इल्ज़ाम थोपना बहुत आसान , संसाधन सीमित सामने अनंत व्यवधान, कर्तव्य विमुख जनता खोजे नेता महान... जाति धर्म के नाम पर करके मतदान, चाय दुकान पर बैठ बांटते अमूल्य ज्ञान, चंद सिक्कों की खनक ने खरीदा ईमान, समस्या खुद करके खड़ी, खोजे समाधान, खैरात के लालची भीखमंगे बहुत परेशान, बिना परिश्रम धन की चाहत, भुगतो परिणाम, जनता के दिए धन से राष्ट्र बनता है महान, मूर्ख लोग खोज रहे जन धन में अपना कल्याण ... राष्ट्रहित में स्वहित, स्वहित में जहान, इसी भावना से ओत प्रोत किया सर्वस्व बलिदान, आज आरक्षण की लालसा में टुकड़ों में बंटा इंसान, नीयत दूषित, नियति प्रभावित, कैसे बनेगा भारत महान...

निडर_अधिकारी

#निडर_अधिकारी ✍🏻 #बिपिन_कुमार_चौधरी आपदा विकट, विपदा बड़ी, समस्या बहुत ही भारी है, परिश्रम का सम्मान ख़तम, भीख मांगना लाचारी है, बाप असहाय, बच्चे रोते, मां की अजीब लाचारी है, पेट की आग ने देश छुड़ाया, परदेश में सब कारोबारी है, उद्योग बाधित, उपयोगिता ख़तम, घर लौटना मजदूरों की लाचारी है, तिल तिल बेमौत मरना नियती इनकी, विदेश से आया कोई महामारी है, राहत को आया पैकेज, बहुत बड़ा जिसमें लिकेज़, संकट कोई नया नहीं, बहुत पुराना यह बीमारी है, राहत पहुंचाना मुश्किल नहीं, जटिल समस्या हिस्सेदारी है, कोरोना से दहशत बहुत, फिर भी निडर अधिकारी है,

१२३. हम बिहारियों ने जिल्लत बहुत भोगा है* @

*हम बिहारियों ने जिल्लत बहुत भोगा है* ✍🏻 *बिपिन कुमार चौधरी* जुगनुओं की मद्धिम रोशनी में, हमने स्वर्णिम प्रकाश देखा है, पगडंडियों के छोटे रास्ते पर, गौरवशाली इतिहास हमारा अनोखा है... मां जानकी ने धर्म की राह पर, जीवन भर वनवास भोगा है, पत्नी के वियोग में टूटकर, मांझी ने पहाड़ को भी तोड़ा है... सिंहासन को पाने की खातिर, महाभारत ने रिश्तों को बताया धोखा है, जनकल्याण के मार्ग की तलाश में, बिहार के बुद्ध ने राज पाठ छोड़ा है... मज़दूरी से हमें कोई गुरेज नहीं, मेधा का झंडा भी हमने गाड़ा है, स्मृति शेष वाशिष्ठ नारायण सिंह, बिहार के लाल को जगत ने पूजा है... हमें अनपढ़ गंवार कहने वालों, नालंदा विश्वविद्यालय को नहीं देखा है, सभ्यता का पाठ पढ़ाने वालों, वैशाली का प्रजातंत्र सबसे अनोखा है... आंखें दिखा कर हमें डराने वालों, अस्सी वर्ष के बूढ़े हड्डियों ने अंग्रेज़ो का अहंकार तोड़ा है, राजनीति का षड्यंत्र रचने वालों, जे पी ने तुम जैसों को कहीं का नहीं छोड़ा है... जिसने राष्ट्र को दिया प्रथम राष्ट्रपति, सुपर थर्टी का आनंद अनोखा है, अवसरों और सुविधाओं से वंचित, हम बिहारियों ने जिल्लत बहुत भोगा है... *...

यक्ष प्रश्न, आख़िर कौन गुनहगार ?

यक्ष प्रश्न, आख़िर कौन गुनहगार ? ✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी पांवों के छाले, आनाज के लाले, बच्चों की अनसुनी चीख पुकार, गर्भवती स्त्री का भय हाहाकार, हाथ फैलाने की आत्मग्लानि, लाचारी, बेबसी और तिरस्कार, यक्ष प्रश्न, आख़िर कौन गुनहगार, मजदूर हैं, मजबूर हैं, अपने घर से भी दूर हैं, पसीने से रोज भींगता हूं, ख़ून से राष्ट्र को सींचता हूं, फिर क्यों हो रहा अत्याचार, यक्ष प्रश्न, आखि़र कौन गुनहगार... बहुत ज्यादा की ख्वाहिश नहीं, सरल हम करते कोई साज़िश नहीं, सत्ता और शक्ति मुबारक हो आपको, नहीं चाहिए हमें कड़ोरों का व्यापार, फिर भी हर काल में हम क्यों लाचार, यक्ष प्रश्न, आख़िर कौन गुनाहगार... पीड़ाएं हमारी अनंत है,  अनंत हमारी व्यथा कथा, हिम्मत हारते कभी नहीं हम, चाहे कितना कठिन हो रास्ता, नियति ने किया इतना उपकार, यक्ष प्रश्न, आखिर कौन गुनहगार, हमने कितनों को बोलते सुना है, बहुरेंगे हमारे भी दिन, हमारी समस्याओं का भी होगा उपचार, आंखे पथराई, अच्छे दिन के इंतज़ार में, नहीं बदली सत्ता की संस्कृति व संस्कार, यक्ष प्रश्न, आख़िर कौन गुनहगार...

२९. उत्तम सोच @

#उत्तम_सोंच ✍🏻 #बिपिन_कुमार_चौधरी समाजसेवा के तीन मोर, चंदा चोर, योजना चोर, सबसे काबिल व्यक्ति वह है, वोटों की खातिर करे शैतानी ताबड़-तोड़, शामत उसकी आ  जाती है, करे बगावत, मचाए शोर, ईमानदारी का जिसको काटे कीड़ा, दुश्मन ही दुश्मन उसके चारों ओर, बुद्धिमान व्यक्ति यहां वही है, मिल बांट खाए, भ्रष्टाचार का भोज, शिकायती कुत्ते हांफे बेमतलब, दफ्तर का चक्कर लगाए रोज - रोज, भेड़ियों की महफ़िल में भेड़ निसहाय, लुटेरे बताए उसे धरती का बोझ, जनता बनी बैठी मूकदर्शक, गिद्ध खाए मज़े में नोच - नोच, अपनी बारी का सब करे इंतिजार, मुबारक आपको आपका उत्तम सोंच...

जीवन धारा २७ कविता

मेरी इन कविताओं को पढ़ कर बताएं क्या इसमें कोई ऐसे कविता भी है, जिसके प्रकाशित होने पर विवाद हो सकता है। *मैं एकल काव्य संग्रह प्रकाशित करवाना चाहता हूं...* जीवनधारा (कविता संग्रह) संक्षिप्त परिचय बिपिन कुमार चौधरी माता :   श्रीमती इंदु देवी पिता :   जय प्रकाश चौधरी पत्नी  :  ममता कुमारी (शिक्षिका) जन्मदिवस    :  10 दिसंबर 1984 जन्म स्थान :  बिहार (कटिहार)  शिक्षा :  स्नातकोत्तर (हिन्दी)  नालंदा ओपेन युनिवर्सिटी पटना (बिहार) सम्प्रति   : मध्य विद्यालय रौनिया, कटिहार (बिहार) में  शिक्षण कार्य एवं साहित्य सृजन ब्लॉग और Bipin writer के नाम से यूट्यूब चैनल का संचालन वर्तमान निवास  :  बिपिन कुमार चौधरी, ग्राम - बलुआ, पोस्ट - सिक्कट, वाया - सेमापुर, प्रखंड - बरारी, जिला - कटिहार, बिहार पिन कोड - 854115 मोबाइल नम्बर - 7717702376 eMail - bipinkrchoudhary1@gmail.com ✍🏻 दैनिक जागरण, हिंदुस्तान, राष्ट्रीय सहारा में करियर, युवा एवं आर्ट एंड कल्चर से संबंधी फीचर लेखन,  ✍🏻 मुंबई से प्रकाशित साहित्यनामा पत...