नाटकीय आख्यान
✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी
नाटक की नाटकीयता अभिनय का ज्ञान,
सरस्वती की कृपा बनाता कलाकार महान,
मंदिर की आरती मस्जिद का अजान,
इस भेद में उलझ कर मानवता बनता श्मशान...
अद्भुत आज की मानवता अनमोल ज्ञान,
गालियां देकर लोग चाहते खुद का समाधान,
समस्या हो बड़ी, चाहे हो कितना व्यावधा न,
सहयोग की सकारात्मकता से संभव सबका कल्याण...
समस्या कहां नहीं, कहां नहीं व्यावधान,
हम हैं किनके भरोसे कौन करेगा समाधान,
आप आगे बढ़ो पीछे हम हैं भाई जान,
संघर्ष में सहयोग से विमुखता देते आख्यान...
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें