कुत्ता चाहे जितना तगड़ा हो
दुम टेढ़ी होती है
आदमी जितना दुष्ट हो
जुबां उतनी मीठी होती है
वैसे मीठा मैं भी बोलता हूँ
किसी की जिंदगी मे ज़हर नही घौलता हूँ
पर इन मीठी जुबान वालों का
दिल चाहे जितना काला हो
चेहरा बहुत भोला होता है
जब मतलब निकाल जाते हैं इनके
हर शब्द शोला होता है
इसका ये मतलब नही
तीखी बोलने वाले
बड़े अच्छे होते हैं
विचार मे जिनकी सादगी हो
जुबां भी शहद से मीठे होते हैं
धोखा अक्सर लोग वहाँ खा जाते हैं
जिनकी जुबां शहद सी मीठी हो
लेकिन दिल अलबेली जलेबी हो
ये गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं
हर पल ढंग बदलते हैं
✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी
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