पैसा ने दिन दिखाया ऐसा
कुत्तों को देखा
उनकी दुम भी देखी
कभी जो भौंकते थे
चेहरा देख कर
उन्हे तलवा चूमते भी देखा
पैसों के लिये
मैंने खुद को भले ना गिराया हो
पर इस पैसे ने मुझे बहुत गिराया है
अगर ये है तो बहुत कुछ पास है
अगर ये होता तो बहुत कुछ पास होता
कुत्तों को भी देखता
भौंकते भी देखता
तलवा चाटते भी देखता
पर राज़ की बात
शायद नही जान पाता
जिंदगी बहुत प्यार है मुझे तुमसे
पर तुम बहुत बेवफा हो
मैंने कई जिंदगी सजाने को सोचा
कि तुम मुझे प्यार करोगी
पर तुमने हमेशा मुँह चिढाया
कि तेरी औकाद है क्या ????
जब जिंदगी से नफरत होने लगी
तभी ये पैसा आया
थोड़ी इज्जत थोड़ा प्यार लाया
पर जिंदगी अब मै तुम्हे फ़िर प्यार करने लगा हूँ
इन पैसों के कारण नही
वो तो है मेरी . . . 😜😜😜
- बिपिन कुमार चौधरी
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें