वो लोग कुछ और थे . . .
उनकी बात कुछ और थी . . .
लोग पूछते हैं
उन्होंने क्या दिया
आत्मसम्मान के लिये
अपने देश के लिये
हम भारतीयों के लिये
अपनी मिट्टी के लिये
औरतों की सुरक्षित आबरू के लिये
बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिये
उन्होंने वो दे दिया
जिसके लिये आज लोग कहते हैं
कि वो है तो जहाँ है
नमन उस वीर सपूत को
जिसने अपनी मातृभूमि के लिये
अपना सबकुछ समर्पित कर दिया . . .
- बिपिन कुमार चौधरी
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