✍🏻✍🏻
चोट बहुत गहरी है
समंदर मे तैरने की कोशिश ना करो
अपना शौक किसी तलाब मे पुरा कर लेना
सपनों की दुनिया मे जीने वाले की कमी नही
पर असली दर्द वो बता नही सकते
जिनका हकीकत सपना बन गया हो
जिंदगी आज भी उसी रफ्तार मे है
जैसा सदियों पहले था ,
पर आने वाली कई सदिया भी खोये हुए पल की कमी को पुरा नही कर सकता . . .
गिर कर सम्भलने की आदत है मुझे,
बस खामोशी ने दगा दे दिया है ,
जिंदगी ने बहुत कुछ सिखाया है ,
पर उन सपनों का क्या करूँ जो सोने नही देती मुझे . . .
✍🏻✍🏻
✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें